कहानियाँ पेड़ों और तालों की

Harela Society

हमारे शहर पिथौरागढ़ में हम सभी ने अपना बचपन बड़े मजे में गुजारा, हमारे पास अपने पेड़ थे, जिनके छाँव में बैठना, टहनियों के सहारे उन पर चढ़ना, उनके फल खाना, ट्री हाउस बनाने की कल्पना करना और न जाने कितने ही किस्से कहनियों के गवाह थे, वो पेड़ | हम सभी की अपनी तालें भी थीं, जहाँ हमने तैरना सीखा, जहाँ पर हमने मछलियाँ पकड़ना सीखा और न जाने जीवन की कितने गहरे राज हमने उन तालों की गहराइयों से ढूढे थे |
आज शहर के वो अधिकतर पेड़ या तो काटे जा चुके हैं, या फिर सूख गए हैं, यही हाल तालों का भी है, हमारी लगभग सभी तालें या तो सूख चुकी हैं, या मलबे से भर चुकी हैं |
ये सब पढ़ते पढ़ते शायद आपको भी अपना कोई बचपन का पेड़ या ताल याद आई होगी, शायद कुछ ख़ुशी हूई होगी या फिर शायद दुख भी हूआ हो सकता है | तो क्यों न इस बार १६ जुलाई को हरेला के शुभअवसर पर , हम सभी आपनी आने वाली पीढ़ी के संग अपने उन पेड़ों और तालों की कहानियाँ साझा करें |
ऐसा करने से क्या होगा ? ये हम उसी दिन को जानेंगे |
तो जुड़िये हरेला सोसाइटी की इस नयी पहल से जिसका नाम है – “कहानियाँ पेड़ों और तालों की”

प्रतिभाग किस प्रकार से करें ?

  • प्रतिभागी की उम्र २० वर्ष से ऊपर होनी चाहिए |
  • आप अपने पेड़ों और तालों से जुडी हूई कहानियाँ, कवितायेँ या गीत हमें info.harela@gmail.com पर ईमेल करें |
  • प्रत्येक, प्रतिभागी को अधिकतम ५ मिनट का समय दिया जाएगा |
  • चयनित प्रविष्टयों के प्रतिभागियों को अपने साथ अधिकतम १० बच्चों को लाना आवश्यक होगा |

आयोजन स्थल : जिला पंचायत हाल, पिथौरागढ़
समय : दोपहर 02:00 बजे से शाम 5:00 बजे शाम
दिनांक : 16 जुलाई 2018
आयोजक : हरेला सोसाइटी, पिथौरागढ़
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें : 09897470369

  • Hosted By:

    हरेला सोसाइटी

  • Location:

    जिला पंचायत हाल, पिथौरागढ़

  • Event Date

    16 जुलाई

  • Sponsor

    हरेला सोसाइटी, पिथौरागढ़